उज्जैन। शिक्षा राष्ट्र की संस्कृति के अनुरूप होना चाहिए। न्यास के कार्यकर्ताओं को विद्यार्थियों को सहज रूप से जोड़ने का कार्य पूरे देश में करना चाहिए। यह उद्गार शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सचिव डॉ अतुल कोठारी ने न्यास के राष्ट्रीय प्रांत संयोजकों की बैठक को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि न्यास ने इंडिया नहीं भारत को अंगीकृत करने के लिए पूरे राष्ट्र में हस्ताक्षर अभियान चलाया है। हमारे कार्यकर्ता को 2027 और 2028 के कुंभ में शिक्षा महाकुंभ करने का आमंत्रण मिला है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सौ वर्ष पूर्ण होने पर हमारे कार्यकर्ता किस प्रकार से उत्सव करेंगे यह बैठक में तय किया जाएगा। डॉ आलोक चक्रवाल ने न्यास और अपने विश्वविद्यालय में किए जा रहे नवाचारों को प्रस्तुत किया।

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