उज्जैन।  विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पत्रकारिता, जनसंचार तथा सतत शिक्षा अध्ययनशाला, पं जवाहरलाल नेहरू व्यावसायिक प्रबंध संस्थान, प्रेस काउंसिल ऑफ  मप्र एवं जनसंपर्क विभाग संभाग कार्यालय ने सतत शिक्षा अध्ययनशाला के सभागार में विशिष्ट परिसंवाद किया। इस अवसर पर राजेश सिंह  कुशवाह ने प्रेस स्वतंत्रता के महत्व को प्रतिपादित किया।विक्रम विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो अर्पण भारद्वाज ने पत्रकारिता की विभिन्न अवस्थाओं को संक्षेप में प्रस्तुत किया। उपसंचालक संभागीय जनसंपर्क कार्यालय अरुण कुमार राठौर ने मुख्य अतिथि के रूप में अपने रोचक उद्बोधन दिए। डॉ रमन सोलंकी विशिष्ट अतिथि थे। इस अवसर पर मुख्य वक्ता प्रो. धर्मेंद्र मेहता ने 3 मई को विंड हुक घोषणा को ही वर्षगांठ के रूप में चुने जाने की शुरुआत से लेकर कोलंबियाई  पत्रकार  कैनो ईसाजा का उल्लेख किया। सूत्रधार सतत शिक्षा अध्ययनशाला के प्रभारी संचालक डॉ सुशील शर्मा ने विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस प्रस्तावना एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। परिसंवाद के विभिन्न वक्ताओं के वक्तव्यों की संक्षेपिका पत्रकारिता एवं जनसंचार अध्ययनशाला के डॉ अजय शर्मा ने प्रस्तुत की।

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