उज्जैन। बैंकर्स साहित्यिक संस्था प्राची ने हिंदी दिवस मनाया। व्यंगकार शशांक दुबे की अध्यक्षता में साहित्यकार डॉ. शिव चौरसिया और लघु कथाकार सतीश राठी को प्राची सम्मान दिया गया। मीडिया प्रभारी दिनेश रावल ने बताया कि डॉ. चौरसिया ने कहा कि संसार के सारे साहित्य का एक ही धर्म है, वो है मानव धर्म। राठी ने कहा कि हिंदी दिवस मनाने की बात नही, मानने की बात है। सूत्रधार गोपाल कृष्ण निगम थे। दिलीप जैन, यूएस छाबड़ा, रविंद्र जेठवा ने कहा कि हिंदी को राष्ट्रभाषा के पद पर आसीन किया जाना चाहिए। प्रांजल मांदलिया ने हिंदी प्रश्न मंच का संचालन किया। नरसिंह इनानी के संचालन में अशोक भाटी, संतोष सुपेकर, गोपाल कृष्ण निगम, मानसिंह शरद, प्रांजल मांदलिया, निखिल शुक्ला, बीके सोनी ने कविता सुनाई। शशांक दुबे, शांतिलाल जैन ने व्यंग और राजेश सक्सेना ने किशोर कुमार के गीत सुनाए। दीपक भार्गव, अंकित वर्मा, प्रदीप माहेश्वरी, संजय राव, जीडी गोयल उपस्थित थे। आभार मानसिंह शरद ने माना।
