उज्जैन। राजनीति विज्ञान नेतृत्व के गुण विकसित करता है। विद्यार्थी शिक्षा, वाचनालय एवं शिक्षकों के सुयोग्य मार्गदर्शन से प्रतिभा संपन्न बने। विद्यार्थियों को पुस्तक पढ़ने की आदत एवं सत्व गुणों को विकसित करने में प्रयत्नशील रहना चाहिए। शिक्षा द्वारा सीखने से मनुष्यत्व का विकास होता है। एक शब्द का अर्थ भी जीवन में परिवर्तन लाने का पूर्ण सामर्थ्य रखता है। उक्त प्रेरक प्रबोधन समाज वैज्ञानिक वरिष्ठ शिक्षाविद् आचार्य शैलेंद्र पाराशर ने माधव महाविद्यालय के राजनीति विज्ञान एवं लोक प्रशासन विभाग के संयुक्त तत्वाधान में दिशा दर्शन कार्यक्रम में व्यक्त किए। आचार्य पाराशर ने कहा कि विद्यार्थियों को पुस्तकों को अपना सच्चा मित्र बनाना चाहिए।

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