उज्जैन। मोक्षदायिनी एकादशी गीता जयंती को चिरमिया से स्वर्ण गिरी की परिक्रमा हुई, जो वीर हनुमान मंदिर आक्याधागा, श्री राम बालाजी धाम महू, श्रीकृष्ण सुदामा धाम नारायणा होते हुए स्वर्णगिरी धाम चिरमिया पहुंचकर पूर्ण हुई। डॉ दुर्गा शंकर पाँचाल बांदका के अनुसार सुबह 9 बजे स्वर्णगिरी पर्वत मुखारविंद पर विशेष पूजन एवं अभिषेक हुआ। सिंगाजी आश्रम पुनासा डैम खंडवा से पधारे केशव चैतंय महाराज ने भागवत गीता पर प्रवचन दिए। इसके बाद परिक्रमा शुरु हुई। परिक्रमा में स्वागत किया गया। नारायणा धाम प्रबंध समिति ने संत के सान्निध्य में गीता उद्बोधन दिया। नरेंद्रसिंह राजपूत निवासी मेरखेड़ी ने 5 सौ ग्राम वजनी चांदी का एक मुकुट भी स्वर्ण गिरी महाराज को अर्पित किया।
