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भेरुगढ़ में धर्म, संयम और क्षमा की गूंज,
24 अगस्त को प्रातः 10 बजे श्री केशरियानाथ माणिभद्र तीर्थधाम, भेरुगढ़ में होगा जन्मवाचन
उज्जैन। केसरियानाथ माणिभद्र यक्षराज तीर्थधाम भेरुगढ़ में चातुर्मासके लिए विराजित आचार्य श्री अशोकसागर ससूरिश्वर के सानिध्य में पर्युषणआज बुधवार 20 अगस्त से शुरु होकर 27 अगस्त तक श्रद्धा, भक्ति और भव्यता के साथ मनाया जाएगा।
श्री आदेश्वर चन्दप्रभु जी नयापुरा ट्रस्ट के मीडिया प्रमुख विकास कोठारी व प्रदीप दख ने बताया कि इस अवसर पर गच्छाधिपति आचार्य श्री नरदेवसागरसूरीश्वरजी म.सा. के आशीर्वाद से समस्त समाज आत्मकल्याण मार्ग का अनुसरण करेंगे। इस अवसर पर आचार्य श्री सागरचंदसागरसूरी व आचार्य श्री सौम्यचंदसागरसूरी., आचार्य श्री विवेकचंद सागरसूरीजी म.सा., साध्वीवर्या भेरुगढ़ में धर्म, संयम और क्षमा की गूंज, आज से आरम्भ हो रहा है पर्युषण महापर्व“
24 अगस्त को प्रातः 10 बजे श्री केशरियानाथ माणिभद्र तीर्थधाम, भेरुगढ़ में होगा जन्मवाचन
उज्जैन। श्री केसरियानाथ माणिभद्र यक्षराज तीर्थधाम भेरुगढ़ में चातुर्मास हेतु विराजित आचार्य श्री अशोकसागरससूरिश्वर जी म.सा के सानिध्य में आत्मशुद्धि, संयम और धर्मसाधना का अनुपम पर्व पर्युषण महापर्व जैन श्वेताम्बर समाज में आज बुधवार 20 अगस्त से आरंभ होकर 27 अगस्त तक श्रद्धा, भक्ति और भव्यता के साथ मनाया जाएगा। इन आठ दिनों में नगर के उपाश्रयों व जिनालयों से नवकार महामंत्र की अनुगूंज, प्रवचनों की सरिता और संयम-साधना की धारा अविरल बहेगी। पर्वाधिराज पर्युषण की आभा श्री केशरियानाथ माणिभद्र यक्षराज तीर्थधाम, भेरुगढ़ में बिखरेगी।
श्री आदेश्वर चन्दप्रभु जी नयापुरा ट्रस्ट के मीडिया प्रमुख विकास कोठारी व प्रदीप दख ने बताया कि इस अवसर पर गच्छाधिपति आचार्य भगवंत श्री नरदेवसागरसूरीश्वरजी म.सा. के आशीर्वाद से समस्त समाज आत्मकल्याण मार्ग का अनुसरण करेंगे। इस अवसर पर आचार्य श्री सागरचंदसागरसूरी जी म.सा. व आचार्य श्री सौम्यचंदसागरसूरीजी म.सा., आचार्य श्री विवेकचंदसागरसूरीजी म.सा., प्रवर्तक श्री धैर्यचन्द्रसागरजी म.सा., गणि श्री तीर्थचन्द्रसागरजी म.सा., गणिवर्य श्री मोक्षचन्द्रसागरजी म.सा., डॉ. श्री वैराग्यचंदसागरजी म.सा. सहित साध्वी वृन्द दर्शनाश्रीजी म. सा. एवं श्री चारूदर्शनाश्रीजी म. सा. अपने सान्निध्य से समाजजनों को पुण्यलाभ कराएँगे। पर्युषण पर्व के दौरान प्रतिदिन प्रातः 7ः30 बजे स्नात्र पूजा, प्रातः 9ः30 व दोपहर 3 बजे श्री केशरियानाथ माणिभद्र तीर्थधाम, भेरुगढ़ में प्रवचन होंगे तथा प्रातः 9 बजे श्री चंदाप्रभुजी उपाश्रय, नयापुरा में प्रवचन होंगे।24 अगस्त को  प्रातः 10 बजे श्री केशरियानाथ माणिभद्र तीर्थधाम, भेरुगढ़ में भव्य जन्मवाचन होगा। 28 अगस्त 2025 को सामूहिक क्षमापना एवं मंगल प्रवचन प्रातः 8 बजे होंगे। आठ दिवसीय इस धर्मयात्रा में समाजजन उपवास, एकासन, स्वाध्याय, जप-तप, संयम और क्षमा की साधना कर आत्मकल्याण की ओर अग्रसर होंगे। पर्व के समापन पर सामूहिक क्षमापना में “मिच्छामि दुक्कडम” की मंगलध्वनि वातावरण को पवित्र करेगी। आयोजक श्री आदिश्वर चंदाप्रभु जैन श्वेताम्बर  धार्मिक एवं पारमार्थिक ट्रस्ट, नयापुरा ने समस्त समाज बंधुओं से अनुरोध किया है कि इस परम पावन अवसर पर अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ, पुण्यलाभ और आत्मशुद्धि का अनुपम लाभ लें। हितदर्शनाश्रीजी म. सा. एवं श्री चारूदर्शनाश्रीजी म. सा. अपने सान्निध्य से समाजजनों को पुण्यलाभ कराएँगे। पर्युषण पर्व के दौरान प्रतिदिन प्रातः 7ः30 बजे स्नात्र पूजा, प्रातः 9ः30 व दोपहर 3 बजे श्री केशरियानाथ माणिभद्र तीर्थधाम, भेरुगढ़ में प्रवचन होंगे तथा प्रातः 9 बजे श्री चंदाप्रभुजी उपाश्रय, नयापुरा में प्रवचन होंगे व अनुपम आराधनाओ का आयोजन होगा। पर्व के प्रमुख अनुक्रम में में 24 अगस्त को  प्रातः 10 बजे श्री केशरियानाथ माणिभद्र तीर्थधाम, भेरुगढ़ में भव्य जन्मवाचन होगा। जन्मवाचन के पश्चात प्रभावना का आयोजन होगा, तत्पश्चात दोपहर 12ः39 बजे श्री शीतलनाथ जैन मंदिर उर्दुपुरा में जन्मवाचन होगा तथा दोपहर 2 बजे श्री चंदाप्रभुजी व आदिश्वर मंदिर का सामूहिक जन्मवाचन श्री जैन ओसवाल धर्मशाला नयापुरा में होगा 27 अगस्त 2025, को संवत्सरी प्रतिक्रमण दोपहर 3ः30 बजे श्री जैन ओसवाल धर्मशाला नयापुरा में होगा। 28 अगस्त 2025 को सामूहिक क्षमापना एवं मंगल प्रवचन प्रातः 8 बजे होंगे। आठ दिवसीय इस धर्मयात्रा में समाजजन उपवास, एकासन, स्वाध्याय, जप-तप, संयम और क्षमा की साधना कर आत्मकल्याण की ओर अग्रसर होंगे। पर्व के समापन पर सामूहिक क्षमापना में “मिच्छामि दुक्कडम” की मंगलध्वनि वातावरण को पवित्र करेगी। आयोजक श्री आदिश्वर चंदाप्रभु जैन श्वेताम्बर  धार्मिक एवं पारमार्थिक ट्रस्ट, नयापुरा ने समस्त समाज बंधुओं से अनुरोध किया है कि इस परम पावन अवसर पर अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ, पुण्यलाभ और आत्मशुद्धि का अनुपम लाभ लें।

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