उज्जैन। अंकित ग्राम में डॉ. एके द्विवेदी (सदस्य वैज्ञानिक सलाहकार बोर्ड, केन्द्रिय होम्योपैथिक अनुसंधान परिषद, आयुष मंत्रालय, भारत सरकार एवं कार्यपरिषद सदस्य देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इन्दौर) ने सुधीर भाई के साथ आश्रम का अवलोकन किया। डॉ. द्विवेदी ने कहा होम्योपैथिक चिकत्सा ने विगत 25 वर्षों से रक्त संबंधित बीमारियां जैसे सिकल सेल, थैलेसेमिया एवं अप्लास्टिक एनीमिया से ग्रसित मरीजों को स्वास्थ लाभ दिया है। जो आश्रम में रह रहे है उनकी सारी मानसिक स्वास्थ की समस्याओं को उन्होने जाना। कहा जो भी होम्योपैथिक चिकित्सकीय कार्य होगा, मैं अवश्य करूंगा। जिससे उन्हें मानसिक रूप से शांति मिल सके।
