उज्जैन। माना जाता है कि जब भी हमारे देश के किसी महापुरुष या भगवान की जयंती अथवा प्राकट्य दिवस आता है तो जो समाज आयोजन करने की पहल करता है उन महापुरुष या भगवान को उसी समाज तक ही सीमित कर दिया जाता है। कोई भी भगवान या महापुरुष किसी एक जाति के थे ही नहीं, इस विषय पर आज बैठक होगी। सूत्रधार कायस्थ समाज के अध्यक्ष दिनेश श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि हम आपसी टकराव की तरफ बढ़ रहे इसे रोकना चाहिए। बैठक में विभिन्न समाज प्रतिनिधि, महामंडलेश्वर सुमनानंद, मोतीलाल श्रीवास्तव, प्रकाश चित्तौड़ा, अनिल सिंह चंदेल, जियालाल शर्मा, वासु भाई केसवानी, ओम जैन, जीवंधर जैन मौजूद रहेंगे।

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