उज्जैन। शासन की लैंडपूल नीति और हठधार्मिता का विरोध करने निकले किसानों को भाजपा के शासन ने कुचलने का प्रयास किया। शहर के चारों ओर बेरीकेटिंग कर दी ताकि किसान अपनी जमीन बचाने के लिए बाबा महाकाल के दरबार में प्रार्थना अर्जी नहीं लगा सके। कई किसानों को घरों से उठवा कर थाने में बंद कर दिया। 23 अप्रैल की सुबह चारधाम मंदिर के बाहर ही किसानों को रोक लिया। एक घंटे किसान कांग्रेसियों के साथ सड़क पर बैठे रहे। सड़क पर से ही शिखर दर्शन कर बाबा महाकाल को षाष्टांग दंडवंत प्रणाम किया। विधायक महेश परमार ने कहा आक्रांताओं की भाजपा सरकार किसानों की सुनने को तैयार नहीं। नेता प्रतिपक्ष रवि राय ने कहा सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग में भगवान के दर्शन, पूजन से राक्षस रोका करते थे। इस युग में भाजपा का शासन भगवान के दर्शन पूजन करने से रोक रहा है। आंदोलन में माया राजेश त्रिवेदी, छोटेलाल मंडलोई, ललित मीणा, चंदू यादव, कृष्ण यादव, बबलू खींची सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे।
