उज्जैन। आचार्य जिन सुंदर सुरीश्वरजी, आचार्य धर्मबोधि सूरीश्वर आदि ठाणा का सामैया के साथ प्रवेश हुआ। जुलूस निकला।आचार्यश्री का बड़ा उपाश्रय में प्रवेश हुआ। दोनों आचार्यश्री ने सभा को संबोधित किया। संसार के सभी प्रकार के भौतिक सुख सामग्री का हमेशा के लिए त्याग करना है। 21 अप्रैल को मुमुक्षु मौलिक भाई संसार को छोड़ कर संत बनेंगे। उनका वेष नहीं बदलेगा सब बदल जाएगा। 17 से 21 अप्रैल, 5 दिन चलने वाले आयोजन में सभी संत प्रेमी, भक्तों को आमंत्रण है।
