उज्जैन । प्रज्ञा प्रवाह मालवा प्रांत ने पॉप कल्चर एस अ बैटलफील्ड विषय पर युवा संवाद किया। मुख्य वक्ता एवं ऑर्गेनाइजर के संपादक प्रफुल्ल केतकर ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को आधार बनाकर एवं तथाकथित मनोरंजन की आड़ लेकर, समाज एवं परिवार व्यवस्था को दो धड़ों में बांटने का कुत्सित प्रयास किया जा रहा है। केतकर ने कहा कि भारतीय संविधान में वर्णित अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता असीमित नहीं है। कलात्मक अभिव्यक्ति के नाम पर बंदूकें लहराते हुए गाने के चलचित्र समाज में गुंडागिर्दी एवं आपराधिक मानसिकता को बढ़ावा दे रहे हैं। संवाद में आदेश शिंदे ने आधुनिकता और संस्कृति के मध्य उचित संतुलन बनाने का विचार व्यक्त किया। अध्यक्षीय उद्बोधन डॉ. गोविंद गंधे ने दिया।
