उज्जैन। वसंत पर्व हम सब गायत्री परिजनों के लिए आध्यात्मिक जागरण का संदेश है। साधकों को पात्रता के, पवित्रता के, प्रामाणिकता के अनुबंध पालन करना चाहिए। यदि हम सच्चे साधक बन सके तो परम पूज्य गुरुदेव हमें सब देने में कृपणता नहीं बरतेंगे। यह यह उद्गार डॉ जेआर पांडेय ने गायत्री शक्तिपीठ पर बसंत पंचमी पर्व पूजन संकल्प के समय उपस्थित साधकों के समक्ष व्यक्त किए। उन्होने बताया कि वसंत पंचमी पर परम पूज्य गुरुदेव का आध्यात्मिक जन्म दिवस मनाया जाता है। उसी दिन से अखंड दीप प्रज्ज्वलित है। इस प्रकार यह वर्ष हमारी परम वंदनीया माताजी की जनशताब्दी के साथ अखंड दीपक की शताब्दी का वर्ष भी है। 1 फरवरी को यहां सूर्योदय से सूर्यास्त तक चला अखंड मंत्र जप में करीब 51 हजार गायत्री महामंत्र का जप किया गया।
