उज्जैन। डॉ. शिवमंगलसिंह सुमन स्मृति शोध संस्थान में गीता जयंती पर गीता विषय पर संगोष्ठी में प्रमुख वक्ता पं. मुस्तफा आरिफ़ ने कहा कि कर्म एक महत्त्वपूर्ण अवधारणा है। गीता को रचने के अपने संकल्प को आओ सत्यमेव जयते कहे। मुख्य आतिथ्य चेतन शर्मा थे। विशेष आतिथि हितेश जोशी थे।जगदीश शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि गीता कृष्ण का हृदय है। अध्यक्षता शिवशंकर संजय दवे थे। इस अवसर पर हार्दिक अग्रवाल, आकाश अग्रवाल, रश्मि उपाध्याय, सीमा राठौर, दीपा नागर, सरिता नागर, कीर्ति पंचौली, सुमन शर्मा आदि उपस्थित थे। संचालन डॉ शोभना तिवारी ने किया। आभार अखिल स्नेही ने माना।
