उज्जैन। पर्युषण की दस दिनी धार्मिक आराधना की पूर्णता पर नमकमंडी जिनालय से श्रीजी को रजत बेदी में विराजमान कर चल समारोह निकाला गया। चल समारोह एटलस चौराहा, बहादुरगंज, शिरसागर जिनालय होते हुए नमकमंडी पहुंचा। पूरे रास्ते में समाजजन ने प्रभु की पूजन-अर्चन व भक्ति की। जिनालय पर आचार्य विशुद्ध सागर के शिष्य पीयूष भैया के आशीर्वचन हुए।अभिषेक व शांतिधारा हेतु दो सवर्ण व दो रजत कलश प्राप्त हुए। संचालन ट्रस्ट सचिव अनिल गंगवाल ने किया। 18 सितंबर को क्षमावाणी होगी। इस अवसर पर जिनालय से चल समारोह निकलेगा जो गऊघाट पाले तक जाएगा।
