उज्जैन। अपने राष्ट्र, धर्म और परिवार की परंपराओं का पालन करते हुए दांपत्य जीवन को सुखद बनाना चाहिए। मनुष्य के पास दो रास्ते होते हैं दोनों में ही वह अपनी परंपराओं का निर्वाह करते हुए संपूर्ण जीवन को सुनिश्चित एवं परिपूर्ण कर सकता है एक तो दीक्षा लेकर साधु बनकर दूसरा विवाह कर। दोनों ही मार्ग पर मनुष्य संपूर्ण परंपराओं का निर्वाह करता है। यह बात आचार्य प्रज्ञा सागर से संजय, सचिन कासलीवाल एवं कासलीवाल परिवार में विवाह समारोह पर आशीर्वाद देते हुए कही। प्रज्ञा सागर ने कहा कि नव दांपत्य जीवन विश्वास की परंपराओं पर टिका होता है और इसे हर व्यक्ति को धर्म मानते हुए चलना चाहिए।कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने नव दंपति आर्जव एवं संस्कृति कासलीवाल के विवाह पर आशीर्वाद दिया।
