उज्जैन। शहर के अति व्यस्त मार्ग को चौड़ा करने की कवायद हो रही है। प्रशासन जिस ट्रैफिक को कंट्रोल करने के लिए मात्र 20 यातायात पुलिस कर्मी चाहिए उसके लिए वह लोगों के घर और दुकान तोड़ने की सोंच रहा है। यह सच है कि महाकाल लोक बनने के कारण बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी है, मगर आज भी मात्र तीन या चार मुख्य चौराहे पर ही जाम की स्थिति निर्मित होती है जिस पर थोड़े से प्रयत्न से काबू पाया जा सकता है। गाड़ी अड्डा चौराहे से छोटी रपट, कोयला फाटक से गोपाल मंदिर एवं गदा पुलिया रविशंकर नगर होते हुए लालपुल की रोड़ चौड़ीकरण की सूचना प्रसारित कर दी गई है। जिससे रहवासी व व्यापारियों में भय है जबकि अधिकारी जन प्रतिनिधी व शहर का बुद्धिजीवी वर्ग यह बात अच्छी तरह जानता है कि शहर में व्यापार की हालत खराब है। चौड़ीकरण का विरोध भी इसीलिए है। राज्य सरकार को रोड़ चौड़ीकरण के नाम पर किए जा रहे इस कार्य को करने से पहले इस विषय पर गंभीरता से विचार करना होगा। व्यापारियों का एक प्रतिनिधि मंडल जिसमें सुनील गुप्ता, अनिल गुप्ता , प्रेमसुख अग्रवाल, अनिल चौरसिया, हरि खंडेलवाल, नारायणजी लश्करी, राजेश राणा, विक्की शर्मा, निर्भय जैन, कैलाश खटिक, अशोक प्रजापत आदि व्यापारी प्रतिनिधि थे, शहर के जनप्रतिनिधि सांसद, विधायक , महापौर, निगम सभापति और स्थानीय पार्षद गण से मिलकर मूलभूत समस्या और समाधान को उनके समक्ष रखेगा।

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