किसान नेता राकेश टिकैत ने किए महाकाल दर्शन और भूमि अधिग्रहण पर किसानों से की चर्चा की
किसानों ने कहा भूमि अधिग्रहण के कारण कई किसान भूमिहीन और बेरोजगार हो कर विस्थापित होने को मजबूर
उज्जैन। भारतीय किसान यूनियन राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने गुरूवार को महाकाल मंदिर में महाकाल बाबा के दर्शन किए। साथ ही किसानों से चर्चा की।
चौधरी राजेश जाट गुणावद ने बताया कि किसानों ने टिकैत के सामने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि सरकार द्वारा किए जा रहे भूमि अधिग्रहण के कारण कई किसान भूमिहीन और बेरोजगार हो कर विस्थापित होने को मजबूर हैं। विक्रम उद्योगपुरी के 7 गाँव चैनपुर हँसखेड़ी, कड़छा, नरवर, मुंजाखेड़ी, गावड़ी, माधोपुर और पिपलोधा दुवारकाधीश के किसानों की 2600 बीघा भूमि अधिग्रहण कर रहे हैं जो की 100 प्रतिशत सिंचित भूमि हैं और 3 फसलीय खेती है। वहीं 12 वर्ष में एक बार लगने वाले सिंहस्थ महाकुंभ के नाम पर किसानों की जमीन हड़पने का षड़यंत्र रचा जा रहा है। किसानों ने कहा किसान अन्ना दाता सरकार के विकास में कोई बाधा नहीं डालने चाहते हैं लेकिन जहां जरूरत हो वहां अधिग्रहण किया जाए, बारह वर्ष में एक बार लगने वाले सिंहस्थ महाकुंभ के लिए खेती को खत्म कर देना कहां का न्याय है, उद्योगों के नाम पर फसलों को हमेशा के लिए उजाड़ देना कहा का न्याय है।
चौधरी राजेश जाट गुणावद ने बताया कि भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता किसान नेता राकेश टिकैत ने दंगवाड़ा में किसानों को संबोधित किया। जिसमें सोयाबीन का न्यूनतम भाव 6 हजार रुपये हो, किसानों की कर्ज माफी को लेकर, किसानों को 12 घण्टे सतत् बिजली दी जावे, खाद यूरिया, डिऐपी, एनपी के की पूर्ती के लिए, गेहू का न्यूनतम भाव 3 हजार रुपये हो, आदि विभिन्न मांगो पर चर्चा की गई।
