उज्जैन। सच्चा सैनिक रणभूमि में अपने प्राण न्योछावर कर देता है। सच्चा साधु अपने प्राणों को छोड़ देता है पर अपने साधु पद को नहीं छोड़ता। यह बात पट्टाचार्य विशुद्ध सागर ने धर्म सभा में कही। नितिन दोषी व योगेंद्र बड़जात्या ने बताया कि पाद प्रक्षालन केलाश संजय लुहाड़िया दादा परिवार ने किया। शास्त्र भेट अर्चना सिंघई व शेलेंद्र जैन ने किया। संचालन अनिल गंगवाल ने किया।
