उज्जैन। स्वामी पुरसना राम साहिब साध हथंगे वालों के दो दिवसीय मेले का समापन हुआ। विश्व शांति की प्रार्थना हुई।
दीपक राजवानी ने बताया मेले में गोधरा की श्री कृष्णा भजन मंडली आई। मुकेश एवं राजू ने बताया कि स्वामी पुरसनाराम साहिब ने 12 साल बबूल के पेड़ के नीचे भक्ति की। बबुल ने अपने सभी कांटे अलग कर दिए। बबूल के पत्ते साई के आसपास बिखर गए। यह बबूल का पेड़ आज भी सिंध के हाथुंगे वाले शहर में है। बाबा महाकाल, भगवान झूलेलाल, साईं स्वामी पुरसनाराम साहिब के भजन रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक हुए।
