उज्जैन। नगर निगम में उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र गब्बर कुवाल ने आरोप लगाया कि महाकाल मंदिर में लगी आग अत्यन्त दुर्भाग्यपूर्ण है। महाकाल मंदिर में विकास प्राधिकरण और स्मार्टसिटी द्वारा अनेकों काम किए जा रहे हैं जिनमें बडा घपला हैं। मंदिर की 45 बीघ जमीन को बिना स्वीकृति के प्राधिकरण ने विकास के लिए ले लिया। मंदिर में खराब गुणवत्ता के काम कराए गए। जांच सीबीआरआई रुडकी की टीम ने की है। कार्यों को गुणवत्ताहीन बताया गया है। यह रिपोर्ट कलेक्टर कार्यालय, मंदिर कार्यालय और विकास प्राधिकरण से गायब कर दी गई है। राजेंद्र गब्बर कुवाल ने कहा कि मेरे द्वारा सूचना के अधिकार में मंदिर प्रशासक से 45 बीघा जमीन प्राधिकरण को दिने के दस्तावेजों की प्रतिलिपि मांगी गई लेकिन उन्होंने मेरा आवेदन सीईओ प्राधिकरण को भेजा है। इससे आशंका है कि मंदिर के दस्तावेजों को नष्ट करने के लिए ही आग लगाई जाने की संभावना है। सूचना के अधिकार में जानकारी न देने से इसकी आशंका बढ़ती जा रही है।
