उज्जैन। विक्रम विश्वविद्यालय के जवाहरलाल नेहरू व्यवसाय प्रबंध संस्थान में कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज ने वक्तव्य में बताया कि गौरैया की घटती संख्या को रोकने के लिए विश्व गौरैया दिवस मनाया जाता है। उन्होंने जैव विविधता के संरक्षण का महत्व समझने की आवश्यकता पर बल दिया। प्रो. भारद्वाज ने कहा कि आजकल की भागदौड़ और युवा जीवनशैली को देखते हुए यह आवश्यक हो गया है कि वे प्रसन्न रहें। यदि युवा स्वयं प्रसन्न रहेगा, तो वह अपनी प्रसन्नता को दूसरों में भी बांट सकेगा। प्रो. भारद्वाज ने द्वितीय चरण में अंतरराष्ट्रीय प्रसन्नता दिवस एवं गौरैया दिवस के त्रिस्तरीय आयोजन में पर्यावरणविद चंद्रशेखर कुशवाह को सम्मानित किया। प्रो. अर्पण भारद्वाज, प्रो. डॉ. गीता नायक, डॉ. कामरान सुल्तान और प्रो. धर्मेंद्र मेहता ने कुशवाह का अभिनंदन किया। इस अवसर पर कुशवाह ने खुरासानी इमली के फल को जैव विविधता के प्रतीक के रूप में भेंट किया।

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