उज्जैन। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने उच्च रक्तचाप के प्रति जागरूकता के लिए 17 मई को विश्व उच्च रक्तचाप दिवस घोषित किया है। इसका विषय है अपने रक्तचाप को सटीक रूप से मापे, इसे नियंत्रित करें लंबे समय तक जीवित रहें। डॉ जितेंद्र जैन ने बताया कि वर्तमान में धूम्रपान, वसा युक्त पदार्थों का सेवन, मोटापा, शराब का सेवन, अत्यधिक मानसिक परिश्रम, शारीरिक परिश्रम का न करना, वृद्धावस्था, मानसिक तनाव जैसे चिंता, व्याकुलता, अनुवांशिकता के कारण भारत के शहरी क्षेत्र के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी उच्च रक्तचाप के रोगी बढ़ते जा रहे हैं। यदि सिर के पीछे और गर्दन में दर्द हो, थोड़े से परिश्रम से ही थकावट लगे, नींद ना आना, चक्कर आना, सीने में दर्द की समस्या, आंखों से देखने में परिवर्तन होना, दिल का जोर जोर से धड़कना जैसे लक्षण देखें तब तत्काल अपने नजदीकी चिकित्सक को दिखाएं।
