उज्जैन। शासकीय संस्कृत महाविद्यालय में अहिल्याबाई होल्कर की 3 सौ वीं जंयती पर व्याख्यान हुआ। प्राध्यापक डॉ. श्रेयस कोरान्ने ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर का जीवन संघर्षों से भरा रहा। बद्रीनाथ से लेकर रामेश्वर तक, काशी से लेकर सोमनाथ तक उनके मंदिर, घाट और धर्मशालाएं आदि आज भी है। अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. सीमा शर्मा ने की। संचालन डॉ. यश शर्मा ने किया और आभार डॉ. मनीष पंवार ने माना।
