उज्जैन। संत का आना ही बसंत का आना है। भोलेनाथ के सिवा भक्ति संभव नहीं। इतना दिया मुझे हाथुगे होंगे वाले साई ने इतनी मेरी हैसियत नहीं थी। स्वामी पुरसनाराम साहिब साध हथंगे वालों के मेले में भजन हुए। रात 10 बजे से मध्य रात तक भजन कीर्तन का दौर चलता रहा। रविवार 11 मई सुबह पल्लव के पश्चात मेले का समापन होगा।
