उज्जैन। मध्य प्रदेश सिविल सेवा नियम, 1961 के नियम 6 के उप नियम 4 के अनुसार, 26 जनवरी 2001 के बाद अगर किसी सरकारी कर्मचारी की तीसरी संतान होती है, तो वह सरकारी नौकरी के लिए पात्र नहीं होता है। नगर परिषद् कर्मचारी संजय झांझोट के खिलाफ कई शिकायतों के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उक्त आरोप लगाते हुए सुनील पिता रमेशचंद निवासी हरिजन मोहल्ला ने संभागायुक्त एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संयुक्त संचालक को शिकायत दर्ज कराई है। कहा नगर परिषद् कर्मचारी संजय झांझोट बडौद में पंप कुली के पद पर पदस्थ है। 2001 के पश्चात उसकी 3 संतान है। कलेक्टर आगर, परियोजना अधिकारी जिला एवं शहरी विकास अभिकरण आगर में भी शिकायत की गई। संभागायुक्त एवं संयुक्त संचालक से जांच कर सेवा समाप्त करने की मांग की।
