उज्जैन। मुमुक्षु मौलिकभाई का संसार त्याग के निमित्त 5 दिवसीय महामहोत्सव के दूसरे दिन जैनाचार्य जिनसुंदर सूरिश्वर व धर्मबोधि सूरिश्वर के सांनिध्य में बडा उपाश्रय मेंअहो जिनशासनम हुआ। मौलिक भाई गांधी से शासन ध्वज वंदना करवाया।आचार्यश्री ने बताया इतिहास गवाह है कि जैन संतो ने सिर्फ जैन धर्म की रक्षा नही की है, लेकिन जैनो के आचार्यश्री तथा उज्जैन रत्न सम्राट संप्रति जैसे कई जैन श्रावको ने राष्ट्ररक्षा,आर्य संस्कृति की रक्षा, धर्म रक्षा, तीर्थ रक्षा के लिए तन-मन-धन का उपयोग किया है। भगवान महावीर के जीयो और जीने दो के भावों को विश्वभर में बसे जैनो ने फैलाया है। सभी कर्मचारियों को एक उपहार मुमुक्षु मौलिक भाई ने दिया।
