उज्जैन।संस्कृत कॉलेज के आधुनिक भाषा विभाग ने कालिदास अकादमी में समरस कला शिविर में शैक्षणिक-भ्रमण किया।
प्राचार्य डॉ. सीमा शर्मा ने बताया कि भारतीय ज्ञान परंपरा में शिल्प का अद्वितीय स्थान है। कार्यक्रम समंवयक डॉ. श्रेयस कोरान्ने थे। प्रसिद्ध संत श्रीमंत शंकरदेव ने भारतीय नाट्यशास्त्रीय परंपरा के अनुरूप इस शिल्पविधा का प्रवर्तन किया था। शिविर संयोजक डॉ. संदीप नागर और आसाम के खगेन गोस्वामी आदि शिल्पकारों ने भी विद्यार्थियों को मुखौटा शैली की विशेषताओं के बारे में जानकारी दी।
