उज्जैन। विवाह के कुछ दिन बाद ही पति और उसके ससुराल पक्ष पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाकर अपनी मर्जी से मायके जाने वाली पत्नी के भरण पोषण का आवेदन कुटुंब प्रधान न्यायालय ने खारिज कर दिया। परिवर्तित नाम आशा पति संजय ने दहेज प्रताड़ना और पति द्वारा घर से निकाल देने को आधार बनाकर भरण पोषण आवेदन पत्र प्रस्तुत किया था। अधिवक्ता नितिशा पी पोखरना ने अपनी दलील से न्यायालय को अवगत कराया। विद्वान न्यायाधीश किरण सिंह ने अधिवक्ता के तर्कों से सहमत होकर आवेदन पत्र निरस्त कर दिया।

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