उज्जैन। बड़नगर रोड़ स्थित बाबा धाम मंदिर पर पितृदोष समाप्त कर मोक्ष प्रदान करने वाली श्रीमद् भागवत कथा में अनूठा नजारा देखने को मिला। ब्रह्ममुहूर्त में यहां पूजन स्थल पर सुबह 4 बजे के बाद सर्प केंचुली छोड़ गया। महामंडलेश्वर स्वामी प्रेमानंद पुरीजी ने इसे पितृपक्ष में पूर्वजों का आशीर्वाद बताया। कथा के पांचवें दिन महामंडलेश्वर स्वामी प्रेमानंद पुरीजी ने कहा कि भगवान के प्रति हमारा भाव हमेशा एक रखना चाहिए। लोग इतने स्वार्थी हैं काम नहीं हो तो भगवान के प्रति शत्रु भाव रख लेते हैं। मंदिर के महंत आदित्य पुरी एवं आयोजक गुलाब ठाकुर ने बताया कि मंदिर पर गोवर्धन पूजा एवं छप्पन भोग लगाए।20 सितंबर को गरबा, रासलीला, श्रीकृष्ण-रूक्मणी विवाह, 21 सितंबर शनिवार को सुदामा चरित्र व कथा विश्राम, व पूर्णाहुति होगी।
