उज्जैन। राष्ट्रीय खेलों में मल्लखंब दल के चयन को लेकर चल रहे विवाद में इंदौर उच्च न्यायालय ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। शुक्रवार को आए निर्णय में खिलाड़ियों के पक्ष में फैसला देते हुए तीन दिनों के भीतर पुनः चयन प्रतियोगिता आयोजित करने का आदेश दिया है। न्यायालय ने माना कि पूर्व में हुई चयन प्रक्रिया अवैधानिक थी। पूर्व में हुई चयन प्रक्रिया को चुनौती देते हुए संजना प्रजापति, विश्नेष सुगंधी, सोनू मंडावलिया, पायल मंडावलिया और पंकज गरगामा ने इंदौर हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। उन्होंने तर्क दिया कि योगेश मालवीय ने अपने पद का दुरुपयोग किया। हाईकोर्ट ने इस दलील को सही मानते हुए पुनः निष्पक्ष चयन कराने का निर्देश दिया। इस ऐतिहासिक फैसले को लेकर खेल जगत में हर्ष का माहौल है। भविष्य में इस तरह की मनमानी व अवैधानिक चयन प्रक्रियाओं पर रोक लगेगी। हाईकोर्ट एडवोकेट अविरल विकास खरे ने निष्पक्ष एवं निस्वार्थ भाव से पैरवी की। मल्लखंब खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों और खेल संगठनों के पदाधिकारियों ने न्यायालय के ऐतिहासिक फैसले पर आभार व्यक्त किया।
