उज्जैन। गीता भारती की रचना कर पं. मुस्तफ़ा आरिफ ने सर्वधर्म सम्भाव की भावना को बलवती कया। यह बात विक्रम विश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रो. अर्पण भारद्वाज ने कही। पं. मुस्तफ़ा ने अर्पण भारद्वाज से भेंट कर गीता भारती की रचना की जानकारी देते हुए बताया कि भगवद् गीता के 700 पदो को 786 पदो में हिंदी पदावली में लिख रहें है। इस अवसर पर पूर्व उप कुलपति प्रो. बालकृष्ण शर्मा ने कहा भारत की ज्ञान परम्परा में श्रीमद्भगवद्गीता का अनुपम स्थान है। कवि अशोक भाटी ने पं. मुस्तफ़ा आरिफ की आध्यात्मिक रचना धर्मिता के बारे में बताया। इस अवसर पर पं. मुस्तफ़ा आरिफ ने अपनी हाल ही प्रकाशित पुस्तक एक है ईश्वर की प्रति उपस्थित अतिथियों को भेंट की। इस अवसर पर शैलेन्द्र व्यास, हरीश कुमार सिंह एवं लक्ष्मण पाठक उपस्थित थे।

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