उज्जैन। ब्रह्मचर्य कहते हैं संयम को। मनुष्य के जीवन में 4 बातें प्रमुख हैं- खाना, सोना, नहाना, और कर्म करना। यह चार समय से हो जाएं तो समझो मनुष्य का जीवन संयमित है। जीवन को संयमित रखना है तो संयमित जीवन जीना पड़ेगा। यह बात बड़नगर रोड़ बाबा धाम मंदिर में श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन महामंडलेश्वर स्वामी प्रेमानंदपुरीजी ने कही। मंदिर के महंत आदित्य पुरी एवं आयोजक गुलाब ठाकुर ने बताया कि भगवान कपिल के जन्म, मंगलाचरण, गुरू वंदना के साथ भगवान के 24 अवतार की महिमा सुनाई। प्रतिदिन कथा में देश विदेश से हजारों अर्जियां लग रही है। ब्रेन हेमरेज से बचना है तो लोटे, मग्गे से स्नान करो। हर हर गंगे का नाम लेकर स्नान करो। कथा आयोजक गुलाब ठाकुर एवं महंत आदित्य पुरी ने बताया कि श्रीमद् भागवत कथा सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक की जा रही है। 17 सितंबर को कथा में विशेष उत्सव होंगे। कथा दौरान वृंदावन के कलाकारों द्वारा झाकियों का प्रदर्शन किया जाएगा। 18 सितंबर को कृष्ण जन्मोत्सव, नंदोत्सव, गजेंद्र मोक्ष, वामन प्राकट्य, 19 सितंबर को गोवर्धन पूजा एवं छप्पन भोग, 20 सितंबर को गरबा, रासलीला उत्सव, श्रीकृष्ण-रूक्मणी विवाह, 21 सितंबर को श्री सुदामा चरित्र, कथा विश्राम, व्यासपीठ पूजन, व्यासजी महाराज का पूजन, फूलों की होली, पूर्णाहुति होगी।

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